ख्वाहिश

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Photo credit : Catherine McMahon from Unsplash 

ख्वाहिश भी बड़ी अजीब चीज़ है,
वक़्त बेवक़्त चली आती है,
न आने की वज़ह बताती है,
न वापस जाने का नाम लेती है,
न सोच समझ कर आती है,
मन की शांति भंग करके रख देती है,
एक ख्वाहिश पूरी करो तो
दूसरी ख्वाहिश सामने आ खड़ी होती है,
बस खुद का घर समझ कर डेरा डाले बैठी रहती हैं,
अब उन्हें कौन समझाए कि
हर ख्वाहिश, ख्वाहिशो की पूरी नहीं हो सकती,
क्या कहने,
ख्वाहिश भी ऐसी कि खुद ख्वाहिश भी ख्वाहिश की
ख्वाहिश पूरी नहीं कर सकती।

~Aadria Archana~

कवयित्री

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Photo credit : unsplash 

कुछ पलों के लिए मै कवयित्री बन जाती हू,

कलम उठाती हू,
और मन में उठे जज्बात शब्दों का रूप लेकर पन्नों पर अपने आप उतरने लगते है,
वो जज्बात पन्नों को समेटकर अपनी ज़िन्दगी अपने आप साकार करने लगते है,
जीवन के एक मोड़ पर वो हकीकत का रूप लेकर मेरे सामने आकर खड़े हो जाते है,
उन जज्बातों को यू अपने सामने साकार रूप में देखकर मै खुद को रोक नहीं पाती,
मेरी भावनाए आंसुओ के रूप में आखों से छलक पड़ती है,
स्वयं को सँभालते हुए

मै उस ‘साकार रूप में खड़े अपने जज्बात’ को अपने दिल के अहम् कोने में दस्तक देने देती हू,

जो आता तो दबे पैर है पर ज़िन्दगी खुशनुमा कर जाता है…

~Aadria Archana~

Eternal moments of dance with Shiva

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photo credit : clicked by me in Kota,Rajasthan

When I listen music.
I fully immersed in it.
And my soul starts dance with it.
When I dance.
I feel touched by heart with music beats.
I feel like a alchohalic…
As I behold the beauty of Lord Shiva with every single beat of music
and in the rhythm of dance.
I may dwell in the Shivalok.
“Divine Experience Of Music And Dance”
I feel Shiva in the beats of music.
I can touch his feet in every rhythm of song.
I praise him with my steps of dance.
As his power and love plays a very crucial role in my dance.
I can feel his overwhelmed love towards me.
As Shiva blessed me as a Dancer and Music Lover.
And I live every Tandava Mudra by my dance steps.
I rejoice and get inner happiness in Shiva’s World.

~Aadria Archana~

ज़िन्दगी

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Photo credit : clicked by me

ज़िन्दगी न जाने कितने रंग दिखाती है,
कभी खिलखिलाती है,
तो कभी मुस्कुराती है,
कभी हसाती है,
तो कभी रुलाती है,
कभी गुनगुनाती है,
तो कभी सुरों के तारो को झनझना जाती है,
विचारों में न जाने कितने खवाब संजो जाती है…

~Aadria Archana~

Happy Mother’s Day!

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Picture credit : clicked by me in Jaipur

Motherhood is a awesome feeling…

Motherhood…The best time in the Woman’s life!
Motherhood…The awesome experience!
Motherhood…The feeling of being complete!
Motherhood…The bundle of Joy!
Motherhood…changed me in many ways!
Motherhood…simply can’t be explained in words!
Motherhood…The beautiful blessing from God!
Motherhood…Feelings of Pure Love!
Motherhood…Love,Feelings,Emotions,Sharing…All comes in one relation!

HAPPY MOTHER’S DAY !!!

~Aadria Archana~

डांस…एक उल्लास

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Photo credit : Unsplash

डांस , इस शब्द से हर कोई वाकिफ है ,अपने आप में यह शब्द रोमांच पैदा करता है। एक ऐसा माहोल जिस पर कदम ताल अपने आप थिरकने लगते है। एक ऐसा नशा ,जिस पर हर नर्तक मदहोश हो जाता है।
जब मै डांस कर रही होती हू तो किसी चीज का होश नही रहता मुझे , न खाने का , न पीने का। उन संगीत की धुनों पर थिरकने लगती हू। उदास मन भी ख़ुशी से झूम उठता है। हर ख़ुशी और हर दुःख में डांस करना मेरा प्रिय शगल है जो मुझे एक दूसरी ही दुनिया का परिचय करवाता है। मै समझ नहीं पाती कि
क्यों , मै संगीत सुनकर पागल सी हो जाती हू,
क्यों, मेरे पैर अपने आप थिरकने लगते है ,
क्यों, संगीत की हर धुन के साथ मेरे कदमो की ताल भी बदलती है,
क्यों, मेरा मन ख़ुशी से झूम उठता है,
क्यों, मै बिना रुके घंटो तक डांस कर लेती हू,
क्यों, डांस में ….मै ज़िन्दगी की हर ख़ुशी को पा लेती हू …….
क्यों, क्यों, क्यों …..शायद इसलिए क्योकि
”ईश्वर का एक अंश मुझमे भी है। ”

~Aadria Archana~

ईश्वर की कृति

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Photo credit : Unsplash

…”कुदरत का नायाब करिश्मा” हो तुम…
तुम नहीं जानती कि क्या हो तुम…
कितनी अहमियत रखती हो तुम…
हर उस रिश्ते के लिए,जो तुमसे जुड़ा है,
सिर्फ अपने मुक़म्मल ज़हा को पाने तक,
और फिर एक दिन हो जाना है तुमसे जुदा,
फिर भी कितनी खुश रहती हो तुम,
उनकी ख़ुशी में ही अपनी ख़ुशी को पा लेती हो तुम,
उनके लिए दिन-रात एक कर देती हो तुम,
उनकी छोटी से छोटी जरूरतों का भी कितना ध्यान रखती हो तुम,
अपने छोटे से ज़हा में कितनी खिलखिलाती रहती हो तुम,
लेकिन अपनी दुनिया में इतनी व्यस्त रहती हो तुम,
कि खुद के लिए ही समय नहीं निकल पाती हो,
सबके लिए सोचती हो,
पर खुद ही को भूल जाती हो,
शायद यही तुम्हारी ”ज़िन्दगी” है,
जो अपने आप में पूरे ज़हा को अपने दामन में समेटे है,
हर मुश्किल से लड़ते हुए अपने परिवार को बचाती हो,
और सब पर अपना प्य़ार लुटाती हो तुम,
इस दुनिया के झझवातो से बिलकुल अलहदा हो तुम,
कितनी प्यारी और कितनी मासूम हो तुम,
ईश्वर के हाथों बनायीं ”इक नारी” हो तुम…

~Aadria Archana~